लोकसभा चुनाव 2019 के दौरान विपक्ष लगातार ईवीएम और चुनाव की निष्पक्षता पर सवाल उठाता रहा है। इस बीच, शुक्रवार को एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने बड़ा आरोप लगाया। बकौल शरद पवार, ‘मैंने मतदान के दौरान ईवीएम पर एनसीपी का बटन दबाया, लेकिन वोट गया भाजपा को।’ पवार के इस बयान से उन नेताओं और पार्टियों को बल मिलेगा जो आरोप लगा रही हैं कि भाजपा ने ईवीएम के साथ छेड़छाड़ की है।
लोकसभा चुनाव के पांच चरणों के दौरान भी कई जगह से ऐसी शिकायतें आईं। हालांकि चुनाव आयोग शुरू से इनको खारिज करता रहा है। बता दें, ईवीएम के मुद्दे पर विपक्षी ने सुप्रीम कोर्ट में वीवीपैट को लेकर याचिका दायर की थी, जिसे बीते दिनों खारिज कर दिया गया। 21 विपक्षी दल चाहते हैं कि 50 प्रतिशत ईवीएम के नतीजों को वीवीपैट मशीनों से मिलान किया जाए।
विपक्षी दल अक्सर ईवीएम में खराबी और छेड़छाड़ का आरोप लगाते रहते हैं और इसी के चलते विपक्ष की मांग रही है कि चुनाव नतीजों का वीवीपैट मशीनों से निकलने वाली पर्ची से मिलान किया जाए। इसी को लेकर इन दलों ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर मांग की थी कि लोकसभा चुनाव के 50 प्रतिशत नतीजों का वीवीपैट की पर्चियों सो मिलान किया जाना चाहिए।
कोर्ट ने उनकी याचिका पर सुनवाई करते हुए 8 अप्रैल को फैसला सुनाया था कि हर विधानसभा में एक ईवीएम की बजया अब 5 ईवीएम मशीनों से वीवीपैट मशीनों को जोड़ा जाए। हालांकि, विपक्ष इससे भी संतुष्ट नहीं था और इस आदेश को लेकर पुनर्विचार याचिका दाखिल की जिस पर 7 मई को सुनवाई हुई और सुप्रीम कोर्ट ने यह याचिका खारिज कर दी।
पहले यह था नियम, अब यह होगा बदलाव
अब तक नियम यह था कि चुनाव आयोग 4125 ईवीएम मशीनों और वीवीपैट की पर्चियों का मिलान करता था। लेकिन सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद अब आयोग 20,625 ईवीएम मशीनों का मिलान करेगा। इसमें समय ज्यादा लगेगा जिस वजह से नतीजे भी पहले के मुकाबले देरी से आएंगे। नए आदेश के बाद मतगणना करने वालों को हर विधानसभा में 5 ईवीएम से जड़ी वीवीपैट की पर्चियों को गिनना है वहीं विपक्षी दलों की मांग थी कि 6.75 लाख ईवीएम की वीवीपैट पर्चियों का मिलान किया जाए।
Sharad Pawar का आरोप- 'मैंने NCP का बटन दबाया, लेकिन वोट BJP को गया'
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