4 दिनों में 90 फीसदी से अधिक अंत्योदय-पीएचएच राशन कार्ड धारकों को मिला लाभ
अन्नब्रह्म योजना के तहत गरीब, श्रमजीवी, प्रवासी श्रमिकों और बिना राशन कार्ड वाले अत्यंत गरीब परिवारों को किया जाएगा निःशुल्क अनाज वितरण
मुख्यमंत्री के सचिव ने दिया आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति और वितरण का ब्यौरा
कोरोना वायरस की वर्तमान परिस्थिति में घोषित लॉकडाउन के दौरान राज्य के अंत्योदय और प्राथमिकता वाले परिवार यानी पीएचएच राशन कार्ड धारक 66 लाख परिवारों को निःशुल्क अनाज वितरण करने के राज्य सरकार के संवेदनशील दृष्टिकोण को व्यापक सफलता मिली है।
मुख्यमंत्री श्री विजय रूपाणी ने गरीब, श्रमजीवी और अंत्योदय परिवारों को वर्तमान स्थिति में लाचार होकर भूखा न सोना पड़े इसलिए राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के अंतर्गत इन 66 लाख परिवारों को अप्रैल महीने का अनाज गेहूं, चावल, दाल, चीनी और नमक निःशुल्क प्रदान करने के दिशा-निर्देश खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग को दिए थे। इसके तहत 1 अप्रैल से करीब 17 हजार उचित मूल्य की दुकानों से राशन वितरण का कार्य शुरू किया गया है।
मुख्यमंत्री के सचिव श्री अश्विनी कुमार ने शनिवार को इस संबंध में जानकारी देते हुए कहा कि अनाज वितरण के इन चार दिनों में लगभग 59 लाख से अधिक अर्थात 90 फीसदी परिवारों को अनाज वितरीत किया जा चुका है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने एक और संवेदनशील निर्णय लेते हुए राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के अंतर्गत नमक और चीनी प्राप्त करने वाले 3.40 लाख गरीब परिवारों को भी अप्रैल महीने के लिए गेहूं, चावल और दाल भी देने का उदार भाव दर्शाया है, जिसका लाभ अब उन परिवारों को भी मिलेगा।
श्री अश्विनी कुमार ने कहा कि अन्य राज्यों से रोजी-रोटी के लिए गुजरात में आए श्रमिकों तथा राज्य के ही अत्यंत गरीब ऐसे परिवार जिनके पास राशन कार्ड नहीं है, उन्हें भी अन्नब्रह्म योजना के अंतर्गत अप्रैल महीने के लिए अनाज किट देने की शुरुआत 17 हजार उचित मूल्य की दुकानों से अब की जाएगी।
उन्होंने कहा कि ऐसे लाभार्थियों की सूची जिला स्तर पर जिला कलक्टर द्वारा तैयार की गई है और इस बात को सुनिश्चित किया जाएगा कि ऐसे लाभार्थियों को सरलता से अनाज उपलब्ध हो ताकि उन्हें भूखा ना सोना पड़े।
मुख्यमंत्री के सचिव ने राज्य में लॉकडाउन के ग्यारहवें दिन दूध, सागभाजी सहित अन्य आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति और वितरण की जानकारी दी।
इस संदर्भ में उन्होंने कहा कि शनिवार को राज्य में 47.11 लाख लीटर दूध का वितरण हुआ है। वहीं, 88,074 क्विंटल सागभागी की आवक राज्य की मंडियों में हुई है जिसमें 27,311 क्विंटल आलू, 19,404 क्विंटल प्याज, 8,731 क्विंटल टमाटर और अन्य हरी सब्जियां 32,627 क्विंटल शामिल हैं। फलों की बात करें तो कुल 11,559.45 क्विंटल फलों की आवक में सेब 400 क्विंटल, केला 1,139 क्विंटल और अन्य फल 10,019 क्विंटल शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि बेसहारा लोगों, बुजुर्गों, अक्षम और एकाकी जीवन जीने वाले व्यक्तियों को स्वैच्छिक संस्थाओं के सहयोग से भोजन मुहैया कराया जा रहा है। इसके तहत 36,58,010 लोगों को लाभ मिला है।
मुख्यमंत्री के सचिव ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा शुरू की गई हेल्पलाइन 1070 और जिला स्तर की हेल्पलाइन 1077 को मदद के लिए अब तक 19,501 कॉल प्राप्त हुए हैं। आवश्यक सेवाओं के कर्मियों तथा जीवन आवश्यक वस्तुओं की बिक्री के लिए छोटे व्यापारियों और ठेले वालों को अब तक 2 लाख 35 हजार पास जारी किए गए हैं।
59 लाख से अधिक परिवारों ने उठाया मुफ्त अनाज वितरण का लाभ
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