देश में इस समय लोगों के पास कैश 18.5 लाख करोड़ रुपये से ऊपर पहुंच गया है. यह आंकड़ा न सिर्फ अब तक का अधिकतम है बल्कि नोटबंदी के बाद के मुकाबले दोगुने से भी अधिक है. रिजर्व बैंक के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, एक जून 2018 तक देश में कुल 19.3 लाख करोड़ रुपये से अधिक कैश चलन में है.
मालूम हो कि नोटबंदी के बाद जनता के हाथ में कैश घटकर 7.8 लाख करोड़ रुपये रह गया था. जो अब दोगुना यानी कि 18.5 लाख करोड़ रुपये के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है.
इसके पहले जनता के पास मई 2014 में कैश 13 लाख करोड़ रुपये था, जबकि मई 2016 में 16.7, नवंबर 2016 में 17.9 फरवरी 2017 में 10, सितंबर 2017 में 15 और मई 2018 में 18.5 लाख करोड़ रुपये तक कैश पहुंच गया. इस तरह देखा जाए तो फिलहाल इन दोनों के आंकड़े नोटबंदी के पहले तुलना में अधिक हैं.

नोटबंदी के वक्त चलन से बाहर किए गए 500 और 1,000 रुपये के 99% पुराने नोट बैंकिंग सिस्टम में वापस आए थे.
आरबीआई के मुताबिक, कुल 15.44 लाख करोड़ रुपए की अमान्य मुद्रा में से 30 जून 2017 तक लोगों ने 15.28 लाख करोड़ रुपए को नोट बैंकों में जमा करवाए थे