रमजान के महीने में भारत ने जम्मू-कश्मीर में सैन्य ऑपरेशन पर रोक लगा रखी है लेकिन पाकिस्तान नहीं मान रहा था. वह एलओसी पर लगातार फायरिंग कर रहा था.
रमजान के महीने में भारत ने जम्मू-कश्मीर में सैन्य ऑपरेशन पर रोक लगा रखी है लेकिन पाकिस्तान नहीं मान रहा था. वह एलओसी पर लगातार फायरिंग कर रहा था. जब भारत ने जवाबी कार्रवाई शुरू की तो पाकिस्तान थर्रा उठा. पाकिस्तानी रेंजरों ने फोन कर बीएसएफ से फायरिंग रोकने की गुजारिश की थी. अब उसने पेशकश की है कि वह 2003 के संघर्ष विराम समझौते को पूरी तरह मानेगा. उसकी ओर से कोई फायरिंग नहीं होगी. भारत ने उसकी पेशकश को स्वीकार कर लिया है. यह सहमति 2016 के सर्जिकल स्ट्राइक के बाद पहली बार हुई है. इस बीच गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि सेना हाथ बांधकर नहीं बैठी है.
सेना के हाथ नहीं बांधे : राजनाथ
गृह मंत्री ने स्पष्ट किया कि कश्मीर में संघर्ष विराम नहीं बल्कि सस्पेंशन ऑफ ऑपरेशन (कुछ समय के लिए कार्रवाई रोक देना) है. राजनाथ सिंह ने कहा, यह युद्धविराम (सीजफायर) नहीं बल्कि रमजान को देखते हुए सेना ने ऑपरेशन रोक दिया था. लेकिन किसी भी आतंकी हमले पर हम ऑपरेशन दोबारा शुरू करेंगे. हमने अपने सुरक्षाबलों के हाथ नहीं बांध रखे हैं. सुरक्षाबलों ने बीते दिनों हमला होने पर 5 आतंकियों को मार गिराया है.
पाकिस्तान ने घुटने टेके, अब नहीं करेंगे एलओसी पर फायरिंग
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